ट्रम्प का गर्मजोशी भरा स्वागत बना दोस्ती की नई मिसाल
भारत में 'अतिथि देवो भव' की परंपरा काफी पुरानी है। हमारे यहां तो जो भी मेहमान बनकर आता है, उसका पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत किया जाता है और यह सिलसिला आज भी जारी है।
जबसे देश आजाद हुआ है, तबसे विदेशी राजनयिकों का यहां आना-जाना लगातार बना हुआ है। बड़े-बड़े राजनयिक और महारथी हमारे मेहमान बने। यूं तो पहले भी रूस, चीन, अमेरिका, इंग्लैंड व अन्य देशों के अनेक राज्याध्यक्षों की आवभगत करने का देश को मौका मिला, किन्तु जिस तरह से इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का गर्मजोशी से स्वागत हुआ, वह अपने आपमें बेमिसाल रहा।
इसमें कोई शक नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की दोस्ती अब भारत व अमेरिका के मजबूत रिश्तों का आधार बन चकी है। वैसे तो प्रधानमंत्री मोदी के प्रायः सभी प्रमुख देशों के राज्याध्यक्षों से मित्रतापूर्ण संबंध हैं, पर ट्रम्प से उनकी दोस्ती की बात ही कुछ अलग है। यही कारण है कि ट्रम्प ने भी अपने भाषण में बार-बार प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती की दुहाई देते हुए भारत और अमेरिका के मजबूत रिश्तों को कायम रखने पर जोर दिया।
अब देखना यह है कि अमेरिका और भारत की ये नजदीकियां क्या गुल खिलाती हैं और वैश्विक राजनीति पर इसका क्या असर पड़ता है।